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श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति से जुड़ा जेन जी, बड़े आंदोलन की तैयारी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आह्वान पर वृंदावन में हुआ बड़ा कार्यक्रम, साधु-संत, युवा, नारी शक्ति, किसान, डॉक्टर, अधिवक्ता और सामाजिक-धार्मिक संगठनों की रही सहभागिता

वृंदावन /मथुरा (मनोज चौधरी)

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में बुधवार को वृंदावन में बड़ा कार्यक्रम हुआ। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आह्वान पर राधाकृष्ण कृपा धाम में आयोजित कार्यक्रम में हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने जेन जी (Gen Z) के युवाओं को मशाल थमाकर न्यास ने अपने आंदोलन को नई दिशा दी। कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ युवा, महिलाएं, किसान, चिकित्सक, अधिवक्ता और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि अब समय है कि जेन जी सनातन धर्म के इतिहास और अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझे तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े आंदोलन में अपनी भूमिका सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जेन जी को मशाल सौंपना केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ने की शुरुआत है।


उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अलग-अलग स्तर पर चल रहे प्रयासों को व्यापक जनसहभागिता से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन धर्म के युवाओं के साथ सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, पुरातत्वविद, इतिहासकार, चिकित्सक, सैनिक, किसान, सामाजिक और महिला संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
महेंद्र प्रताप सिंह ने युवाओं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े इतिहास और मुगलकाल में हिंदुओं पर हुए कथित अत्याचारों की जानकारी देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को तथ्यों और इतिहास का अध्ययन कर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि से जुड़े प्रकरण में हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कानूनी प्रक्रिया के साथ सामाजिक स्तर पर भी जनजागरण जारी रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संत गोविंदानंद तीर्थ जी महाराज ने कहा कि जिस स्थल को भगवान श्रीकृष्ण का मूल गर्भगृह स्थल माना जाता है, वहां मंदिर का पुनर्निर्माण होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराते हुए भविष्य में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संत फूलडोल जी महाराज ने हिंदू समाज से महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में चल रहे अभियान में सहभागी बनने की अपील की। वहीं संत बलराम बाबा ने कहा कि हिंदू समाज को एकजुट होकर इस अभियान को उसके परिणाम तक पहुंचाने के लिए प्रयास करना होगा।
संत डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज अपने अधिकार की मांग कर रहा है और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। संत पंचगौड़ा दास जी महाराज ने भी युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन संत रामविलास चतुर्वेदी जी और मांडवी राठौर ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान संत कृष्णमुरारी, संत श्यामानंद जी महाराज, कुंवर दामोदर सिंह, आरबी चौधरी, अशोक प्रताप सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, चंदन सिंह, डीडी चौहान एडवोकेट, रत्नेश मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, पीटीआई धर्मेंद्र यादव, नीलम यादव, सच्ची, वंदना, अंजू, पूर्ति, आकांक्षा, निखिल और सम्राट समेत बड़ी संख्या में साधु-संत, युवा और महिलाएं मौजूद रहे।

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