टारगेट पोस्ट, (चेतन शर्मा )
बटाला निगम चुनाव में सबसे अधिक वोटिंग वाला वार्ड नं 27 एवं इस समय हॉट सीटों में एक माना जा रहा है। इस वार्ड में करीब 5500 वोटिंग है। लगभग शहर के चौथे हिस्से का एरिया इस वार्ड से जुड़ा हुआ है। इस वार्ड का चर्चा में आने के कई कारण माने जा रहे हैं। इस वार्ड में भाजपा का कोर वोटर एवं आरएसएस का काफी प्रभाव काफी लंबे समय से देखने को मिलता रहा है, लेकिन इस बार पिछले चुनाव में भाजपा से जीत दर्ज कर चुकी महिला पार्षद चुनाव मैदान में नहीं है, उनके पति भाजपा छोड़ अकाली दल में शामिल होकर इस समय बटाला हलका इंचार्ज के तौर पर अकाली दल के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा बटाला कांग्रेस ने भी अपने पिछले उम्मीदवार सारिका नैयर की जगह पर अन्य उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में भाजपा को कांग्रेस उम्मीदवार ने कांटे की टक्कर देते हुए करीब 980 वोट हासिल किए थे। लेकिन कांग्रेस में भी चल रही गुटबाजी के कारण कांग्रेस इस सीट से फिलहाल मजबूती की स्थिति में दिखती हुई नजर नहीं आ रही। क्योंकि कांग्रेसी नेता नैयर का भी इलाके में काफी असर रसुख है, नैयर का कांग्रेस के लिए एक्टिव ना होना नुकसानदायक साबित हो सकता है। अगर ऐसा कहा जाए की दंपति नैयर जिस तरफ भी अपना समर्थन देंगे उस उम्मीदवार को जीत में आसानी हो सकती है। किंग मेकर की भूमिका निभा सकते हैं नैयर।

क्योंकि पिछली उम्मीदवार की तरफ से वार्ड के लोगों से फिलहाल अभी तक कांग्रेस के पक्ष में वोट करने के लिए नहीं कहा गया। वहीं, बात करें भाजपा की तो इस वार्ड में भाजपा ने भाजपा की तीसरी पीढ़ी से जुड़े परिवार के उम्मीदवार सुनील चाचोवालियां को मैदान में उतारा है, सुनील एवं उनके भतीजे राहुल चाचों वालियां की तरफ से बीजेपी और आरएसएस के वोट बैंक को अपने पक्ष में स्थिर रखने के लिए पूरी मेहनत की जा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार की तरफ से भी अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, इस बार चुनाव में अकाली दल की उम्मीदवार ने अपने नामांकन वापस लेकर इस चुनाव को और रोमांचक बना दिया है। फिलहाल इस समय आजाद उम्मीदवार के तौर पर राजकुमार का वार्ड में हर एक पार्टी से नाराज चल रहे वोटरों एवं उनका लोकल प्रभाव प्रबल दावेदार के रूप में रुझान बना रहा हैं।
