— बहबल कलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले की जांच कमेटी के रहे वरिष्ठ अधिकारी, सिख संगठन कमेटियों कई बार विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह को कर चुकी है सम्मानित,
बिहार का बेटा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले के आरोपियों पर करवा पाएगा कारवाई ?
टारगेट पोस्ट (आजाद शर्मा )
पंजाब के पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं अमृतसर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह सहित दो विधायकों ने भाजपा ज्वाइंन की है। आम आदमी पार्टी से अलग हो चुके तीनों विधायकों कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा , हरमीत सिंह पठान माजरा के भाजपा में शामिल होने से पंजाब की राजनीति गरमा गई।
पंजाब की राजनीति के गरमाने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन उनमें सबसे बड़ा कारण विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह का भाजपा में शामिल होना है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह पंजाब के एक ऐसे मुद्दे के साथ जुड़े हुए हैं। जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।

बहबल कलां में श्री गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी के मामले की जांच कमेटी के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। उनके द्वारा विधानसभा में भी आरोपियों पर कार्रवाई होने और इस मुद्दे से जुड़ी रिपोर्ट को विधानसभा में जनतक करने की मांग भी की जा चुकी है, लेकिन आप सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह को पंजाब की विभिन्न सिख संगठन कमेटी की तरफ से समय-समय पर सम्मानित किया जाता रहा है। अब देखना होगा कि भविष्य में सिख संगठन कमेटियों का विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह के साथ संबंध कैसे रहेंगे ? अगर सिख संगठन कमेटियों ने विधायक कुंवर विजय प्रताप पर विश्वास रखा तो आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा का पंजाब की सियासत में मजबूती से उबर के संकेत मिल सकते हैं। क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखने वाले लोग आरोपियों पर बनती कार्रवाई का काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अगर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोपियों पर बनती कार्रवाई का आश्वासन दिलाया तो भाजपा को संगत का आशीर्वाद मिल सकता है। बता दें कि कुंवर विजय प्रताप सिंह बिहार के रहने वाले हैं। गुरु गोबिंद सिंह का जन्म बिहार के पटना में हुआ था। बिहार का बेटा पंजाब में हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भी आदमी के आरोपियों को सजा दिला पाएगा ? सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आ रहा है!
— बेअदबी मामले में अकाली दल एवं सुखबीर सिंह बादल को लेकर पंजाब की जनता में काफी रोष है? विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह की भाजपा में शामिल होने के बाद अब हो सकता है कि अकाली भाजपा का गठबंधन ना हो पाए?
