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भारतवर्ष के साथ यूएसए और स्पेन के संत भी देंगे श्री कृष्ण जन्म भूमि मुकदमा में गवाही – कई प्रमुख संतों ने दी श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति न्यास को अपनी सहमति

 

-पुरातत्वविद्,इतिहासकार, फिल्म सिटी की हस्तियां भी हुई गवाही को तैयार

मथुरा (पंडित लक्ष्मी कांत शर्मा)

श्री कृष्ण जन्म स्थान की कब्जाई गई करीब ढाई एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा में श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति न्यास भारतवर्ष के कई प्रमुख संतों के साथ-साथ यूएसए, स्पेन समेत अन्य विदेशी संत भी अपनी गवाही देंगे। उनकी सहमति भी न्यास को प्राप्त हो गई है।
विवादित भूमि श्री कृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज बताई गई है, इसी स्थल पर ही ईदगाह बना हुआ है।

श्री कृष्ण जन्म भूमि की करीब 13 एकड़ भूमि है। वर्ष 1017 में महमूद गजनवी ने भगवान श्री कृष्ण के मंदिर को तोड़ था, पर औरंगजेब ने मंदिर को तहस नहस कर करीब ढाई एकड़ जमीन पर ईदगाह का निर्माण करा दिया था। इसी भूखंड पर हिंदू पक्ष अपना दावा कर रहा है। श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने 23 दिसंबर 2020 को न्यायालय में सर्वप्रथम वाद दायर किया था। वहीं दूसरे मुस्लिम पक्ष ने इस वाद को सुनवाई योग्य न बताते हुए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था। जुलाई माह में हाइकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष के प्रार्थना पत्र को ही खारिज कर दिया। साथ ही यह एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा दायर वाद को सुनवाई योग्य बताया। हाइकोर्ट का यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए एक शुभ संकेत था। वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि अब इस मामले भविष्य में कोर्ट के समक्ष गवाह पेश किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चार सितंबर को हाइकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान वाद के मुख्य बिंदू तय किए जा सकते हैं। उसके बाद गवाहों की सूची कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इसके लिए देश विदेश के प्रमुख संत, पुरातत्वविद, इतिहास कार, फिल्मकार, धार्मिक-सामाजिक संगठन, सिख धर्म और बौद्ध धर्म के प्रमुख लगातार
न्यास संपर्क में हैं। वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि अब तक यूएसए के संत श्री ब्रह्मानंद जी महाराज, स्पेन के संत स्वामी उमेश योगी जी महाराज, चित्रकूट के जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष श्री जितेंद्रानंद जी महाराज, वृंदावन के संत श्री गोविंदानंद तीर्थ जी महाराज, श्री दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मणिंद्र जैन, गौरखपुर की महामंडलेश्वर और किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य कनकेश्वरी नंद गिरी, गोवा के संत स्वामी ब्रहमेश्वरा नंद, गुजरात के संत श्री रामदास जी महाराज ने कोर्ट में गवाही देने के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इनके अलावा फिल्मकार गौरव मिश्र और प्रकाश पाटिल (बनाई जा रही श्री कृष्ण जन्म भूमि फिल्म के निर्माता निर्देशक), पुरातत्वविद के. के. शर्मा, डीवी शर्मा, इतिहासकर आईसीएचआर के डायरेक्टर ओमजी उपाध्याय,ब्रज संस्कृत शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मी नारायण सिंह और दामोदर सिंह ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है। वादी महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि प्रमुख संत श्री अवधेशानंद जी महाराज, योग गुरु बाबा श्री रामदेव, संत बागेश्वर, कैलाशानंद जी महाराज, चिदानंद मुनि जी महाराज से भी संपर्क में है। इन सभी संतों की जल्द सहमति मिलने की उम्मीद है। मीडिया जगत से सुदर्शन न्यूज़ के सुरेश चौहान भी अपनी गवाही देने के लिए कोर्ट में जाएंगे। उन्होंने बताया कि मथुरा, वृंदावन, हरिद्वार, ऋषिकेश, उज्जैन, काशी और प्रयागराज के भी कई संत लगातार न्यास के संपर्क में बने हुए हैं।

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