अधिकमास में गूंजा मंदिर निर्माण का प्रण; प्रख्यात भागवताचार्य इंद्रेश उपाध्याय महाराज एवं उनके हजारों अनुयायियों ने भी ली शपथ
कथा मंचों से जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को मिला व्यापक जनसमर्थन
वृंदावन ( मनोज चौधरी/ पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा)
अधिकमास के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के बैनर तले चलाए गए व्यापक जनजागरण अभियान में लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति एवं भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने देशभर में आयोजित दो दर्जन से अधिक भागवत कथा मंचों के माध्यम से लाखों कृष्णभक्तों तक जन्मभूमि मुक्ति का संदेश पहुंचाया तथा उन्हें मंदिर निर्माण की शपथ दिलाई।

कथा कार्यक्रमों का प्रसारण विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव होने के कारण यह अभियान करोड़ों लोगों तक पहुंचा। वहीं वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान भी लगातार जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है।
अधिकमास के दौरान श्रद्धालुओं ने एक स्वर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने का संकल्प लिया तथा “आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी” के उद्घोष के साथ मंदिर निर्माण के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

वृंदावन स्थित फोगला आश्रम में आयोजित भागवत कथा के दौरान देश के प्रख्यात भागवताचार्य इंद्रेश उपाध्याय महाराज एवं उनके हजारों अनुयायियों ने भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि जन्मभूमि की मुक्ति के लिए न्यायालय और जनसमर्थन—दोनों स्तरों पर प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को विभिन्न कालखंडों में चार बार ध्वस्त किया गया तथा वर्ष 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय में हिंदू पक्ष की ओर से अनेक ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं, जबकि विरोधी पक्ष अब तक ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका है जिससे यह सिद्ध हो सके कि उस स्थान पर प्राचीन काल में मस्जिद थी।
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि देशभर के संत-महात्माओं का जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को निरंतर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनसमर्थन और जनशक्ति के बल पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि अधिकमास के दौरान कथा मंचों से दिलाई गई यह सामूहिक शपथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान के लिए अब तक के सबसे बड़े जनसंकल्पों में से एक बनकर उभरी है।
