चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण का भी संदेश देता– डॉक्टर शुक्ला
सिडनी( आजाद शर्मा)
सिडनी में भारतीय वाणिज्य दूतावास (CGI Sydney), ऑस्ट्रेलेशियन एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद (AAA) तथा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयुर्वेद दिवस का सफल आयोजन किया गया।

इस वर्ष का विषय रहा – “आयुर्वेद: लोगों के लिए और ग्रह के लिए”।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित अतिथियों, आयुर्वेद विशेषज्ञों, चिकित्सकों तथा समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने भाग लिया।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की प्रासंगिकता को रेखांकित करना और आधुनिक जीवनशैली में इसके महत्व को साझा करना था।

वक्ताओं ने बताया कि आयुर्वेद न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सतत जीवनशैली के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
कार्यक्रम में योग, ध्यान, औषधीय पौधों का महत्व, आयुर्वेदिक आहार-विहार पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

इस अवसर पर अतिथियों ने आयुर्वेद को ऑस्ट्रेलिया और विश्व में और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।

ऑस्ट्रेलेशियन एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद के अध्यक्ष डॉ. नवीन शुक्ला ने कहा:
“आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण का भी संदेश देता है।

इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
