भागवत कथा मंच से सनातन समाज को संगठित होने का आह्वान, जन्मभूमि विवाद पर रखी स्पष्ट बात
मथुरा( पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा)
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि हिंदू धर्मस्थलों की मुक्ति केवल याचनाओं से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब हिंदू समाज को एकजुट होकर संगठित प्रयास करने होंगे। साथ ही उन्होंने सनातन धर्म पर किए जा रहे हमलों के प्रति समाज को सतर्क रहने का आह्वान किया।

रविवार को भगवताचार्य शिवाकांत जी महाराज की रांची बांगर में चल रही भागवत कथा के दौरान महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने पंडाल में उपस्थित भक्तों से पूछा कि कितने लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। इस पर अधिकांश श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर वर्तमान में मस्जिद स्थित है, वही भगवान श्रीकृष्ण का मूल गर्भगृह स्थल है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस विषय को लेकर वह उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराकर वहां पुनः मंदिर निर्माण का प्रश्न केवल आस्था से नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक दायरे से भी जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम में चिंतामणि कुंज के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्तों से कथा के संदेश को अपने जीवन में उतारने का आग्रह किया। मोरकुटी के महंत परमेश्वर दास, संत सत्यमित्रानंद जी महाराज ने हिंदुत्व को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। वृंदावन के संत पंडित श्यामानंद जी महाराज भी मंच पर उपस्थित रहे।
कथा आयोजन में आयोजक रामजी लाल जी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में सपा नेता ठाकुर किशोर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद
