-पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती और महेंद्र प्रताप के मध्य हुई गहन मंत्रणा
-कट्टरपंथियों से सावधान रहने की सलाह
वृंदावन (मनोज चौधरी/पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा)
श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से बुर्जा रोड स्थित हरिहर आश्रम में मुलाकात कर प्रकरण पर विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर निर्मित मस्जिद को हटाने, गर्भगृह स्थल पर पुनः भव्य मंदिर निर्माण तथा विग्रहों की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने शंकराचार्य को अवगत कराया कि मामले में न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इसे व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। इसके लिए चलो गांव की ओर, श्री कृष्ण जन्मभूमि ज्योति यात्राएं, हिंदू चेतना यात्राएं समेत जन संवाद किया जा रहा है। साथ ही साथ आगामी रणनीति पर भी चर्चा हुई।
बताया गया कि शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने आंदोलन को और प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कुछ पहलुओं को गुप्त और व्यक्तिगत स्तर पर भी संचालित करने की सलाह दी। उन्होंने कट्टरपंथी तत्वों से सावधान रहने और व्यक्तिगत सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का भी परामर्श दिया।
शंकराचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का समय अनुकूल बन रहा है और प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए सफलता की कामना की।
मुलाकात को श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
