संत राजेंद्र दास जी महाराज ने साधु संतों और भक्तों से कराया हिंदू पक्षकार का परिचय
वृंदावन (मनोज चौधरी/पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा)
धार्मिक नगरी वृंदावन में स्थित श्री मालूक पीठ के मंच से एक बार फिर श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कथा कार्यक्रम के दौरान संतों ने इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखी और हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का समर्थन किया।

श्री मालूक पीठ के पीठाधीश्वर संत राजेंद्र दास जी महाराज ने वीर मैत्रेय के प्रतिष्ठा प्रकाश ग्रंथ का हवाला देते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर की प्राचीन भव्यता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहे महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट एक महत्वपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इच्छा जताई कि जन्मभूमि स्थल पर पुनः भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर निर्माण होना चाहिए और महेंद्र प्रताप सिंह को विजय का आशीर्वाद भी दिया।
इससे पूर्व दक्षिण भारत के प्रसिद्ध संत चिन्ना जीयर स्वामी ने भी कथा मंच से श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के गर्भगृह स्थल पर मंदिर होना चाहिए, जो वर्तमान में नहीं है। साथ ही उन्होंने हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके साहस को बढ़ाया।
कथा के दौरान संत राजेंद्र दास जी महाराज ने मंच से महेंद्र प्रताप सिंह का कथा में मौजूद साधु संत और भक्तों से परिचय कराते हुए कहा कि वह एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और इसमें सभी को अपना योगदान देना चाहिए।
संत चिन्ना जीयर स्वामी ने गौ संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि गौ हत्या अपराध है। उन्होंने नंदबाबा के गौदान का उल्लेख करते हुए आचार्य परंपरा के संरक्षण की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के अंत में महेंद्र प्रताप सिंह ने संत राजेंद्र दास जी महाराज का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
