हमारे पास ठोस साक्ष्य, सभी के सहयोग से जीतेंगे मुकदमा, दक्षिण भारत में विस्तार लेने लगा श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का आंदोलन — महेंद्र प्रताप
वृंदावन (मनोज चौधरी/ पंडित लक्ष्मीकांत शर्मा)
वृंदावन धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर माहौल भावनात्मक हो गया। कथा स्थल पर दक्षिण भारत से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मूल गर्भगृह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर निर्माण कराने की शपथ ली।
हैदराबाद स्थित स्टैच्यू ऑफ इक्वेल्टी आश्रम के आध्यात्मिक गुरु श्रीमन्नारायण रामानुज चिन्ना जीयर स्वामी के सान्निध्य में एक होटल में आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने दक्षिण भारत से आए भक्तों को मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल को मुक्त कर वहां मंदिर निर्माण में सहयोग की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ने के इतिहास पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उनके पास इस मामले में ठोस साक्ष्य हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय में विजय मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का जागा हुआ संकल्प ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि को कब्जा मुक्त कराएगा।
कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं ने महेंद्र प्रताप सिंह को अपने यहां आमंत्रित भी किया। भक्तों ने कहा कि वह दक्षिण भारत में भी श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के आंदोलन को बढ़ाने का कार्य तेजी करेंगे। साथ श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बार बार तोड़े जाने की जानकारी अपने क्षेत्र के लोगों के साथ में साझा करेंगे। टी. रमेश गुप्ता, मोहन शर्मा, विठ्ठल और पुन्ना गोपाल राव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब दक्षिण भारत के लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण की उम्मीद लगाए हुए हैं। कहा कि जल्द हैदराबाद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिसमें मुख्य अतिथि भी हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट होंगे।

इस अवसर पर स्वामी जी महाराज ने कहा कि यह विषय हिंदुओं की आस्था और अस्मिता से जुड़ा है। जिस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ, वहां मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने इस आंदोलन में महेंद्र प्रताप सिंह के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का स्वागत किया गया। इस मौके पर गोपी स्वामी, मोहन शर्मा, टी. रमेश गुप्ता, एम. एसएसआर वर्मा, बी. रघुनंदन राव, विठ्ठल, पुनर्गोपाल राव, सत्यनारायण राव, मनोज, मनोहर व श्रीमती देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
