आजाद शर्मा, मेलबर्न।

भारत के वाणिज्य दूतावास, मेलबर्न में आयुर्वेद दिवस एवं कार्यशाला 2025 का 10वां संस्करण सफलतापूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से AYUSH सूचना प्रकोष्ठ मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), भारत का वाणिज्य दूतावास (CGI), मेलबर्न, तथा ऑस्ट्रेलेशियन एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद (AAA) द्वारा किया गया।

इस वर्ष की थीम “जन और प्रकृति के लिए आयुर्वेद” थी, जो मानव कल्याण और पृथ्वी की स्थिरता के लिए आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान के उपयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम ने व्यक्ति और प्रकृति के बीच सामंजस्य — जो कि आयुर्वेद का मूल सिद्धांत है — को प्रमुखता से रेखांकित किया।
यह आयोजन वाणिज्य दूत डॉ. सुशील कुमार के मार्गदर्शन में तथा डॉ. संतोष कुमार यादव, प्रमुख, AYUSH सूचना प्रकोष्ठ, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

AAA अध्यक्ष डॉ. नवीन शुक्ला को उनके सहयोग और AAA टीम द्वारा दिए गए उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही, डॉ. खुशदिल, डॉ. रजनीश, एन व्लास तथा AAA के सभी सदस्य और कार्यकारिणी समिति को इस कार्यक्रम की सफलता में उनके समर्पण के लिए सराहना दी गई।

कार्यशाला में कई विचारोत्तेजक व्याख्यान, संवादात्मक चर्चाएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जो वैश्विक स्वास्थ्य, सामंजस्य और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने में आयुर्वेद की प्रासंगिकता को उजागर करती हैं। प्रतिभागियों ने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए आधुनिक विज्ञान के साथ आयुर्वेद के समन्वय पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
आयुर्वेद दिवस 2025 के प्रमुख उद्देश्य:
सम्पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के वैश्विक मंच पर आयुर्वेद को बढ़ावा देना।

“बीमारी से स्वास्थ्य” की दिशा में जागरूकता और रोकथाम पर ज़ोर देना। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों और सामुदायिक कल्याण में आयुर्वेद के योगदान को उजागर करना।पर्यावरणीय और ग्रह के स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका पर जागरूकता को सुदृढ़ करना।

आयुर्वेद को प्रमाण-आधारित, वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्थापित करना। मुख्य विषय क्षेत्र – जन और प्रकृति के लिए आयुर्वेद:
छात्रों के लिए आयुर्वेद: “स्वस्थ जीवन के छोटे कदम।”
मीडिया सहभागिता: “संहिता से संवाद।”
आयुर्वेद का डिजिटल परिवर्तन: परंपरा और तकनीक के बीच सेतु।

वनस्पति और पशु चिकित्सा में आयुर्वेद।
मोटापे और समन्वित कैंसर उपचार में आयुर्वेद आचरण।
आयुर्वेद के चार स्तंभ:
औषध (Aushadha): हर्बल और प्राकृतिक औषधियाँ।
आहार (Ahara): संतुलित और जागरूक पोषण।
विहार (Vihara): शरीर और मन के लिए स्वस्थ जीवनशैली।
आचरण (Achara): नैतिक और आध्यात्मिक अनुशासन।
आभार ज्ञापन:
डॉ. संतोष कुमार यादव के नेतृत्व और वाणिज्य दूत डॉ. सुशील कुमार के सहयोग से यह कार्यशाला विक्टोरिया के विभिन्न भागों से आयुर्वेद विशेषज्ञों, विद्वानों और समुदाय के सदस्यों को एक मंच पर लाने में सफल रही।
AAA टीम के डॉ. नवीन शुक्ला, डॉ. खुशदिल, डॉ. रजनीश, एन व्लास और अन्य सभी सदस्यों के सहयोगात्मक प्रयासों ने इस कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
यह उत्सव न केवल आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को सम्मानित करता है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में इसकी जागरूकता और प्रचार को भी सुदृढ़ करता है, जिससे “जन और प्रकृति के लिए आयुर्वेद” का वैश्विक संदेश और अधिक प्रभावी होता है।
