Mon. Feb 2nd, 2026

टारगेट पोस्ट, मेलबर्न।

युवा दिवस 2026 – “इम्प्रिज़न्ड बाय फ़्रीडम (Imprisoned by Freedom)” विषय पर आधारित एक भव्य, विचारोत्तेजक और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में समुदाय के सदस्यों, गणमान्य अतिथियों, कलाकारों और युवा प्रतिभाओं ने भाग लिया। यह आयोजन देशभक्ति, आध्यात्मिकता, युवाओं की भूमिका और सांस्कृतिक रचनात्मकता का सुंदर संगम था।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 5:30 बजे अतिथियों के मीट एंड ग्रीट से हुआ, जिसके बाद शाम 6:00 बजे औपचारिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मंच संचालकों ने सभी का स्वागत किया, कार्यक्रम की रूपरेखा एवं विषय का परिचय दिया तथा आवश्यक निर्देश साझा किए।

कार्यक्रम की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रगान, उसके बाद भारतीय राष्ट्रगान से हुई। चूँकि ऑस्ट्रेलिया डे और भारतीय गणतंत्र दिवस एक ही समयावधि में आते हैं, यह क्षण दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और “परिभाषित स्वतंत्रता” की भावना को दर्शाता है। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन एवं मुख्य अतिथियों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की थीम: “इम्प्रिज़न्ड बाय फ़्रीडम”

कार्यक्रम की केंद्रीय थीम यह दर्शाती है कि स्वतंत्रता को सामान्यतः खुलकर जीने, बोलने, चलने और निर्णय लेने की क्षमता के रूप में देखा जाता है, परंतु वास्तविकता में स्वतंत्रता सदैव नियमों, कर्तव्यों, सामाजिक अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों से बंधी होती है। 26 जनवरी हमें यह सिखाता है कि हमारी राष्ट्रीय स्वतंत्रता पूर्णतः निरंकुश नहीं, बल्कि एक परिभाषित स्वतंत्रता है, जो सभी के अधिकारों की रक्षा करती है।

कार्यक्रम ने इस विचार को भी उजागर किया कि सच्ची स्वतंत्रता आध्यात्मिक स्तर पर प्राप्त होती है, जहाँ मन भय, सीमाओं, धर्म और सामाजिक बंधनों से ऊपर उठ सकता है। आध्यात्मिक स्वतंत्रता करुणा, सद्भाव और मानवता के उच्च मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती है।
योगेश भट्ट ने कार्यक्रम के विषय पर स्वयं द्वारा लिखी गई कुछ पंक्तियाँ भी उद्धृत कीं।

आज़ादी में भी हम नियमों की दीवारों में घिरे,
चलने की राहें बहुत पर तय हैं दायरे
सच्ची आज़ादी वह है, जब द्वेष मिट जाएँ
जब इंसान इंसान बनकर भीतर की रोशनी जगाएँ।

योगेश भट्ट ने कहा कि यह सब ऑस्ट्रेलिया की विवेकानंद सोसाइटी के निस्वार्थ स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयास के कारण ही संभव हो पाया है।
मेज़बान का संदेश

कार्यक्रम के मेज़बान, विवेकानंद सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष, योगेश भट्ट ने एक अत्यंत प्रेरणादायक और भावनात्मक संदेश दिया। उन्होंने वीर हकीकत राय को स्मरण करते हुए उनके बलिदान को नमन किया, जिन्होंने अपने धर्म से समझौता न करते हुए प्राणों की आहुति दी। यह उदाहरण आंतरिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए बताया कि किस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा कर सनातन धर्म और भारत की महान विचारधारा को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया, उस समय जब भारत को लेकर विश्व की छवि सीमित और गलत थी। उनका संदेश केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सार्वभौमिक मूल्यों और विचारों की स्वतंत्रता का प्रतीक था।

युवाओं को संबोधित करते हुए योगेश भट्ट ने कहा कि युवा हमारे समुदाय की “आँख और कान” हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जो भी महत्वपूर्ण देखें या सुनें, उसे अपने माता-पिता, बड़ों या मार्गदर्शकों से निसंकोच साझा करें। उन्होंने डिजिटल युग की चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक , सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति अधिक संवेदनशील है, इसलिए खुले संवाद, मार्गदर्शन और विश्वास की अत्यंत आवश्यकता है।

मुख्य अतिथियों के संबोधन

माननीय अनिश राजन जी, मेलबर्न स्थित भारत के महावाणिज्य दूत (Consul General of India), ने विवेकानंद सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्था का कार्य “अपने आप में बहुत कुछ कहता है”। उन्होंने कार्यक्रम में देखी गई गतिविधियों से अत्यंत प्रभावित होने की बात कही और साप्ताहिक शिशु मंदिर कक्षाओं को संस्था की सबसे प्रभावशाली पहलों में से एक बताया, जो बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास कर रही हैं।

जेस विल्सन एमपी, विक्टोरियन संसद में विपक्ष की नेता, ने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा,
“हम मेलबर्न और विक्टोरिया की कल्पना आपके विविध, स्नेही और उदार समुदाय के बिना नहीं कर सकते — और न ही करना चाहेंगे।”
उन्होंने इस आयोजन को “विक्टोरिया के बहुसांस्कृतिक कैलेंडर का एक अनोखा और विशेष कार्यक्रम — रचनात्मकता, संस्कृति, युवा शक्ति, संगीत और नृत्य का अद्भुत उत्सव” बताया।

थीम से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत ऋग्वेद के उद्घाटन श्लोक पर आधारित भरतनाट्यम नृत्य से हुई, जिसे मेधस्वी सेंटर फॉर इंडियन परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड कल्चर, मेलबर्न की कलाकारों सर्विका हलदर, रचना मुखर्जी और मारिसा जो साइनू ने प्रस्तुत किया।

इसके बाद “वही विवेकानंद है” प्रेरणादायक गीत का प्रदर्शन हुआ, जिसे योगेश भट्ट ने लिखा और गाया। रिद्मिका डांस कंपनी की प्रस्तुतियों, “देवी आराधना” और “उड़ान – विंग्स ऑफ चेंज” जैसे नाट्य मंचनों ने आध्यात्मिकता, नारी सशक्तिकरण और आत्मबल का प्रभावशाली संदेश दिया।

देशभक्ति, शास्त्रीय, भक्तिमय और समकालीन प्रस्तुतियों ने मनोरंजन के साथ-साथ विचार और आत्ममंथन का अवसर प्रदान किया।

शिशु मंदिर के बच्चों का सम्मान संस्था की युवा एवं संस्कार निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हरी ॐ एप्प द्वारा बनायीं सरस्वती माँ के ऊपर मूवी का ट्रेलर भी प्रोग्राम में चलाया गया
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता
सर्वश्रेष्ठ लघु फ़िल्म – “ए वर्ल्ड ऑफ़ फ़्रीडम”

विजेता: सम्राट और शौर्य गंगतरास

उपविजेता: जीविषा रावत

फ़ोटोग्राफी प्रतियोगिता

विजेता: आराध्या सिंह

उपविजेता: यश रस्तोगी

चित्रकला प्रतियोगिता

1st सीरत – वर्ल्ड इन 2050

2nd कायरा बग्गा – माय ड्रीम वर्ल्ड

3rd चार्वी भट्ट – यूनिटी इन डायवर्सिटी

फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता

1st मिहिर सोनी, मनीत सोनी और तनय – नरसिंह अवतार

2nd कियाना पिपरसानिया – भारत माता

3rd वेदांशी आर्या– भारत माता

4th विवान सिंह – चंद्रशेखर आज़ाद

5th विराज सिंह – डॉ. बी. आर. अंबेडकर
इंटरनेशनल रील मकिंग कम्पटीशन में किआना पिपरसनिया 1st , शिम्पी रानी 2nd , चार्वी भट्ट 3rd, नैतिक भट्ट 4th एंड मिहिर सोनी 5th रहे
महत्वपूर्ण घोषणाएँ

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण $11,000 की छात्रवृत्ति की घोषणा रही, जिसे अगले वर्ष योग्य युवाओं को प्रदान किया जाएगा। Expression of Interest (EOI) की जानकारी शीघ्र ही विवेकानंद सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया के फेसबुक पेज पर साझा की जाएगी।

साथ ही यह घोषणा की गई कि युवा दिवस 2027, 23 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। तब तक रील मेकिंग प्रतियोगिता जारी रहेगी। प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे “वही विवेकानंद है” गीत पर इंस्टाग्राम रील बनाकर Vivekanand Society of Australia को टैग करें।

युवा ऑफ द ईयर 2026 का सम्मान आशिनी रस्तोगी को प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि एवं गणमान्य व्यक्तियों का आभार

मुख्य अतिथि:

माननीय अनिश राजन जी – भारत के महावाणिज्य दूत, मेलबर्न

जेस विल्सन एमपी – विपक्ष की नेता, विक्टोरियन संसद

स्वामी सुनिष्ठानंद जी

अन्य विशिष्ट अतिथि एवं गणमान्यजन:
टेक कृष्णन (हेड ऑफ़ चांसरी, भारतीय वाणिज्य दूतावास), गैरी वर्मा, मोलिना आस्थाना, रुचि शर्मा, जया मंचिकांति, विजय धीमान, हरमिक सिंह, सिद्धार्थ मैत्रक, आचार्य हरिशानंद, केतन राजपाल, शंकर चावला, सुनील बस्सी, लवली सिंह, जीतार्थ भारद्वाज, रंजन श्रीवास्तव, मनोज कुमार, शिवाली चैटली, ऋषभ रावत, जेडी महल, रवि शर्मा, जिगर अड्यारू, रीना दुबे, जय शाह, राकेश रायज़ादा, दीप्ति शुक्ला, सुभाष शर्मा, अमित करंथ, तपन देसाई, राजन शर्मा, अविनाश रैन, वेद व्याथित, आरके शर्मा सहित अनेक सामुदायिक नेता एवं सहयोगी।

समापन

कार्यक्रम का समापन सभी रणनीतिक साझेदारों, प्रायोजकों, मीडिया भागीदारों, कलाकारों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति धन्यवाद ज्ञापन, उसके पश्चात भोज एवं समापन के साथ हुआ।

यह आयोजन एक सशक्त संदेश छोड़ गया —
राष्ट्रीय स्वतंत्रता नियमों और जिम्मेदारियों से बंधी होती है, परंतु सच्ची स्वतंत्रता मन, आत्मा और मानवता के उत्थान में निहित है।

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